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एक और हाकम गैंग का एसटीएफ उत्तराखंड ने किया भंडाफोड़

सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर युवाओं से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का एसटीएफ ने किया भंडाफोड़, सरगना समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

 

देहरादून-:

नौकरी की तलाश में दर बदर भटक रहे युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर युवाओं से डेढ़ से दो लाख रुपये ठगने वाले एक संगठित गिरोह का एसटीएफ देहरादून ने भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ द्वारा इस गिरोह के खिलाफ कार्यवाही करते हुए कल शनिवार देर रात गिरोह के सरगना समेत कुल 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उक्त गिरोह द्वारा भारतीय युवा खेल परिषद नाम की वेबसाइट से देश भर के युवाओं का अपने अंतर्गत रजिस्ट्रेशन करने के बाद उन्हें इनकम टैक्स,आईआरटीसी,फिजिकल एजुकेशन टीचर के पदों पर भर्ती करवाने का झांसा दिया जाता था। उक्त फर्जी गिरोह द्वारा कई युवाओं को फिजिकल एजुकेशन टीचर बनाने के नाम पर हरिद्वार के श्यामपुर स्थित आदिशक्ति नाम के आश्रम में एक महीने की ट्रेनिंग भी करवाई गई थी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ को कुछ समय पूर्व कुछ युवाओं द्वारा शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया था कि एक गिरोह द्वारा भारतीय युवा खेल परिषद नाम की वेबसाइट के तहत युवाओं को एजुकेशन टीचर, भारतीय रेलवे, इन्कम टैक्स आदि सरकारी विभागो में नौकरी लगाने के नाम पर आनलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं तथा भर्ती कराने के एवज में फर्जी भर्ती सेन्टरों में ट्रेनिंग देकर मोटी रकम ली जा रही है। उक्त सूचना पर उनके द्वारा एक एसटीएफ टीम गठित करते हुए शिकायत की जांच में पाया कि इंटरनेट पर भारतीय युवा खेल परिषद नाम से एक बेवसाइट बनी हुयी है जिसमें फिजीकल एजुकेशन टीचर जैसे विभिन्न पदों के लिये आनलाइन आवेदन पत्र उपलब्ध हैं। उक्त में रजिस्ट्रेशन हेतु 700 रूपये की फीस निर्धारित की गयी है साथ इसी बेवसाइट में काॅन्टेक्ट नम्बर भी जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम द्वारा आगे जानकारी जुटाने पर ज्ञात हुआ कि गिरोह के सदस्यों द्वारा उक्त वेबसाइट के सरकारी संस्था की तरफ चलाई जाती है। जिनके द्वारा नोएडा में फर्जी आफिस भी खोला गया है। जिसमें उनके द्वारा देश भर के युवाओं से इसमे आवेदन के नाम पर 700 रुपये प्रति युवा वसुले जाते है। जिसके कुछ समय बाद उक्त गिरोह द्वारा सम्बन्धित युवक या युवती से उनके मूल डाक्यूमेन्ट मांगे जाते है और फिर मेल के जरिये युवाओं को फिजीकल एजुकेशन टीचर पद के लिये उपयुक्त बताकर ट्रेनिंग के लिये हरिद्वार स्थित एक आश्रम में उपस्थित होंने के लिए कहा जाता है। वहाँ उन्हें एक महीने ट्रेनिंग करवाने के बाद स्थायी नियुक्ति के नाम पर युथ एसोसिएशन नाम के एक खाते में डेढ़ से दो लाख रुपये लिए जाते है और जॉइनिंग लेटर का इंतज़ार करने का बोल घर भेज दिया जाता है,जिसके बाद कभी संपर्क नही करते।

एसटीएफ द्वारा और जानकारी जुटाने पर ज्ञात हुआ कि तकरीबन 80 युवाओं द्वारा उक्त वेबसाइट में रजिस्ट्रेशन करवाया गया है जिसमे से फिजिकल एजुकेशन टीचर के लिए चुने गए युवाओं को श्यामपुर के आदिशक्ति नाम के एक आश्रम में एक महीने ट्रेनिंग भी करवाई गई,जिनके लिए गिरोह द्वारा बाकायदा ट्रेनर भी रखा गया था। पीड़ित युवाओं के अनुसार उक्त गिरोह द्वारा के इनकम टैक्स, रेलवे विभाग, विदेश भेजने के नाम पर भी युवाओं से ठगी की है।

एसटीएफ द्वारा गिरोह के खिलाफ कार्यवाही में उक्त वेबसाइट में लिए जाने वाले रजिस्ट्रेशन फीस के बारे में जानकारी करने पर ज्ञात किया कि वह आनंद महतो नाम के व्यक्ति के पेटीएम एकाउंट में जमा हुई है। एसएसपी एसटीएफ के अनुसार उक्त एकाउंट में पिछले 6 महीने में देश भर से रजिस्ट्रेशन फीस जमा किया गया है। इसके साथ ही युवाओं द्वारा अभियुक्तों द्वारा बताए खाते में भी पिछले 6 महीने में 55 लाख रुपये की धनराशि आने की जानकारी हुई। एसटीएफ की जांच में उक्त गिरोह में सरगना आनन्द कुमार मेहतो(भारतीय युवा खेल परिषद का प्रशासक) समेत राखी रानी और मनीष कुमार, योगेन्द्र कुमार योगेश( भारतीय युवा खेल परिषद का डायरेक्टर) संजय रावत, राजकुमार उर्फ राजवरी, संदीप सिंह के नाम सामने आये। जिसके बाद एसटीएफ द्वारा कल देर रात कार्यवाही करते हुए 1.आनन्द मेहतो पुत्र स्व0 हरिलाल मेहतो निवासी उर्दू बाजार भागलपुर बिहार हाल किरायेदार कीनू राणा, प्लाॅट नं0 10, सेक्टर 22, चैड़ा गांव नोयडा,
2. योगेन्द्र कुमार योगेश पुत्र श्री कृष्णा देव प्रसाद निवासी डी-278 नई अशोक नगर बसुन्धरा एन्कलेव पूर्वी दिल्ली
3. संजय रावत पुत्र श्री मनवर सिंह निवासी म0नं0 301 जलालपुर रोड, राधेष्याम विहार, फेस-4, मुरादनगर गाजियाबाद को श्यामपुर से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने उनके कब्जे से एक लैपटाॅप, 03 मोबाईल फोन, भा0यु0खेल परिषद के बनाये हुये कई दस्तावेज आदि बरामद किये गये हैं। इनके विरूद्ध एसटीएफ द्वारा थाना श्यामपुर हरिद्वार में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।

एसएसपी एसटीएफ ने अनुसार आनन्द मेहतो मात्र इंटर पास है। कुछ समय पहले उसे मनीष कुमार निवासी बिहार मिला था जिसके द्वारा उसे इस काम की जानकारी दी गयी थी। जिसके बाद उसने योगेश के साथ मिलकर भारतीय युवा खेल परिषद के नाम से बेवसाईट बनायी और उसमें फर्जी नाम से एक सिम खरीद कर काॅन्टैक्ट नम्बर दे दिया और उसमे आनलाइन भर्ती फार्म के नाम पर युवाओं से फीस वसूलने लगा। वह युवाओं को फसाने के लिए 10 से 40 हज़ार रुपये प्रत्येक युवा पर कमीशन पर एजेंट रखता था। जिनके द्वारा सरकारी नौकरी के लालच में आये युवाओं से लाखों रुपये लिए जाते थे। उनके द्वारा युवाओं के लिए रखे ट्रेनेरो को 15 से 20 हज़ार रुपये सैलरी दी जाती थी। आनंद के अनुसार उसके द्वारा युवाओं को रेलवे विभाग, इनकम टैक्स विभाग में नौकरी लगाने के लिये अथवा विदेश भेजने के नाम पर सम्बन्धित विभागों के फर्जी नियुक्ति पत्र युवाओं को जारी किये जाते थे।
वहीं संजय रावत ने बताया की आनन्द मेहतो, योगेश द्वारा उसे बेरोजगार युवकों को नौकरी के बारे में तथा बेवसाइट की जानकारी देकर उपलब्ध कराने का काम दिया गया था जिस हेतु उसके प्रत्येक एक युवक के लिये 10 से 20 हजार रूपये का कमिशन प्राप्त होता था।

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