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परिवहन, पर्यटन होटल व्यवसायियों की जायज मांगों को हल करेगी तीरथ सरकार : गणेश जोशी

देहरादून: उत्तराखंड परिवहन महासंघ के आह्वान पर प्रदेश के पर्यटन और परिवहन से जुड़े कई संगठनों ने चार धाम यात्रा संचालन,परिवहन,पर्यटन एवं होटल व्यवसाय की विभिन्न मांगों को लेकर हरिद्वार से पैदल यात्रा निकाली। इस यात्रा के आज देहरादून पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने परिवहन महासंघ के प्रतिनिधियों से मौके पर जाकर मांगों को सुना।

विधानसभा के सभागार में परिवहन महासंघ के प्रतिनिधियों और कैबिनेट मंत्री के बीच वार्ता हुई।परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि उत्तराखंड में परिवहन, पर्यटन और होटल व्यवसाय रोजगार का सबसे बड़ा साधन है परंतु कोविड-19 की वजह से यह व्यवसाय बुरी स्थिति से गुजर रहे हैं।इसलिए सरकार से मांग है कि वो पर्यटक के उत्तराखंड आने पर अन्य राज्यों की तरह आरटी पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट की बाध्यता को समाप्त करें,जल्द ही चार धाम यात्रा और अन्य पर्यटन गतिविधियों का संचालन शुरू किया जाए। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के समय राज्य सरकार द्वारा दी गई राहत के तर्ज पर समस्त यात्री वाहनों का 2 वर्ष का कर शून्य कर दिया जाए। 31 मार्च 2020 से पूर्व पंजीकृत यात्री वाहनों की आयु सीमा में 2 वर्ष की वृद्धि की जाए।ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव आदेश सैनी ने कहा कि समस्त सरकारी बैंक वाणिज्य बैंक इत्यादि से उत्तराखंड के वित्त पोषित वाहनों को 1 वर्ष की किस्तों में छूट की मोहलत दिलाई जाए।समस्त सार्वजनिक वाहनों के चालकों एवं परिचालकों को एक मुश्त आर्थिक सहायता राशि दो हजार से बढ़ाकर ₹10000 कर दी जाए।

व्यवसायिक वाहनों की पुरानी समर्पण नीति लागू की जाए इसके साथ ही उत्तराखंड होटल व्यवसायियों के समस्त कर माफ़ किये जाये।परिवहन,पर्यटन और होटल व्यवसायियों को 2 साल के लिए बिना ब्याज के सॉफ्ट लोन की व्यवस्था की जाए।कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने परिवहन महासंघ के प्रतिनिधियों की मांगों को सुना।इस विषय पर काबीना मंत्री ने सचिव परिवहन से दूरभाष पर वार्ता करते हुये सभी मांगों के सकारात्मक हल निकालने के निर्देश दिये हैं।श्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड की मार से त्रस्त व्यवसायियों की पीड़ा को समझती है और हर संभव मदद के लिए तैयार है।

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