धर्म का जीवन में प्रमुख स्थान इसका अनुसरण ही कल्याणकारी- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

सागर/मध्यप्रदेश: अपने अल्प प्रवास पर गीतांजलि ग्रीन सिटी काकागंज सागर में पधारे उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठ के पूज्यपाद जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती जी महाराज ने आज प्रातः भक्तों को उपदेश दिया।

उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में धर्म का सबसे प्रमुख स्थान होना चाहिए। जैसे सभी नदियाँ समुद्र की ओर सहज ही जाती हैं उसी प्रकार समस्त समाज का जनमानस सन्तों की ओर आकर्षित होता है और उनके आशीर्वाद से कल्याण प्राप्त करता है । आगे कहा कि 3 तरह के शासन होते हैं – यमराज, राजा और गुरु का। इन तीनों में आज भी सर्वाधिक आत्मवान लोग हैं जो गुरुओं के शासन को स्वीकार करते हैं।

इसके साथ ही पूज्य शंकराचार्य जी महाराज के आशीर्वाद और दर्शन का अनेक लोगों ने लाभ लिया। क्षेत्र के विधायक शैलेन्द्र जैन ने पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज की चरण पादुकाओं का पूजन करके क्षेत्र के कल्याण के लिए आशीर्वाद की कामना की। इस समस्त कार्यक्रम में सर्वश्री मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी, राजेश मिश्र, अर्चना मिश्रा उपस्थित रहें।

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