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दीपावली आज, राजयोग में लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त, जानें पूजा विधि

सुख समृद्धि का प्रतीक महापर्व दीपावली पर इस बार लक्ष्मी पूजा के लिए एक घंटा 21 मिनट का शुभ मुहूर्त रहेगा। कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली का त्यौहार पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस दिन सभी जगह दीयों की रोशनी से जगमगा उठती है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान राम लंकापति रावण पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटे थे। सोमवार यानी आज 24 अक्टूबर को दीपावली पर्व है। इस साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 24 और 25 अक्तूबर दोनों दिन पड़ रही है। लेकिन 25 को अमावस्या तिथि प्रदोष काल से पहले ही समाप्त हो रही है। 24 को शाम 5:28 मिनट से अमावस्या तिथि लग रही है। जो 25 अक्तूबर की शाम 4:19 मिनट तक रहेगी।

दिवाली साफ-सफाई, सुंदरता और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा -अर्चना का त्योहार होता है। दिवाली पर घर में स्वच्छता और घी के दीये जलाने पर सभी तरह की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। साफ़-सुथरे घर में मां लक्ष्मी का निवास होता है। यही कारण है कि दिवाली व अन्य त्योहारों पर हम अपने घरों की विशेष साफ़-सफाई करते हैं जिससे घर में मां लक्ष्मी का आगमन हो। वास्तुशास्त्र में झाड़ू को लक्ष्मीजी का प्रतीक माना गया है। इसलिए यदि झाड़ू को ठीक ढंग से न रखा जाए तो इसका दुष्प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। घर में धनतेरस से लेकर भाईदूज तक शुद्ध देसी घी का दीपक सुबह-शाम घर के पूजा स्थल और तुलसीजी के पास अवश्य जलाना चाहिए। दीपावली की रात को पूजन के उपरांत रातभर लक्ष्मी-गणेश के आगे घी, तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाए रखना चाहिए।

गणेश-लक्ष्मी पूजन विधि

दिवाली के दिन सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान आदि कर लें। इसके बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़क दें। इसके साथ ही रंगोली और मुख्य द्वार में तोरण लगा लें।

शाम के समय उत्तर-पश्चिम दिशा में एक चौकी रखें और उसमें सफेद या पीले रंग से रंग लें। इसके बाद इसमें लाल रंग का कपड़ा बिछा दें।

अब चौकी में भगवान गणेश, मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित कर दें। आप चाहे तो मां सरस्वती की मूर्ति भी स्थापित कर सकते हैं।

चौकी के पास एक मिट्टी या पीतल के कलश में जलभर कर रख दें और उसके ऊपर आम के पत्ते रखकर कोई कटोरी रख दें।

अब पूजा आरंभ करें। सबसे पहले सभी देवी देवताओं का आह्वान करके जल अर्पित करें। इसके बाद फल, माला, मौली, जनेऊ, सिंदूर, कुमकुम, अक्षत आदि अर्पित करें।

अब एक-एक पान में 2 लौंग, बाताशा, 1 सुपारी और 2 इलायची के साथ एक रुपए का सिक्का रखकर चढ़ादें। इसके साथ ही लाइया, गट्टा, खिलौना आदि के साथ मिठाई चढ़ा दें।

भोग लगाने के बाद जल अर्पित करें और घी का दीपक जलाने के साथ 5 अन्य दीपक जलाएं और सभी के सामने रख दें।

अब लक्ष्मी स्तुति, चालीसा और मंत्र का जाप करें। इसके बाद भगवान गणेश की आरती सहित अन्य आरती कर लें।

अंत में आचमन करने के बाद भूलचूक के लिए माफी मांग लें।
महालक्ष्मी की पूजा करने के बाद वाहन, बही खाता, तिजोरी, पुस्तक, बिजनेस संबंधी चीजों की पूजा कर लें और फिर पूरे घर को दीपक से सजा लें।

दिवाली में माता लक्ष्मी का आगमन अपने घर में या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में कराना चाहते हैं तो श्री सूक्त के ऋग्वैदिक श्री सूक्तम के प्रथम श्लोक को पढ़ना चाहिए।

लक्ष्मी पूजा का समय और मुहूर्त

लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त: 18:54 से 20:16 मिनट तक

पूजा अवधि: 1 घंटा 21 मिनट

प्रदोष काल: 17:43 से 20:16 मिनट तक

वृषभ काल: 18:54 से 20:50 मिनट तक

दिवाली 2022 महानिशिता काल मुहूर्त

लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त: 23:40 से 24:31 मिनट तक

पूजा अवधि: 0 घंटे 50 मिनट

महानिशीथ काल: 23:40 से 24:31 मिनट तक

सिंह काल: 25:26:25 से 27:44:05 तक

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