Dehradun

जिलाधिकारी ने की ग्रामीण आजीविका योजनाओं की समीक्षा

रुद्रप्रयाग, 12 अगस्त। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) एवं ग्रामीण उद्यम वेगवृद्धि परियोजना के अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विकासखंडवार विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में लखपति दीदी योजना के अंतर्गत जनपद में किए जा रहे कार्यों की विकासखंडवार प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक विकासखंड से योजना के तहत लाभान्वित की जा रही महिलाओं, उनकी आजीविका गतिविधियों तथा निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष हुई प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिन विकासखंडों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष प्रयास करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। बैठक में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की ई-केवाईसी की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विकासखंडवार ई-केवाईसी की स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समयावधि के भीतर सभी पात्र महिलाओं की ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी से संबंधित कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा जिन क्षेत्रों में प्रगति कम है, वहां प्राथमिकता के आधार पर विशेष अभियान चलाकर कार्य पूर्ण कराया जाए। जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों के ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग स्टेटस की भी समीक्षा की, उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को केवल समूह गठन तक सीमित न रखते हुए उन्हें निरंतर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाए, जिससे समूहों की महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि हो सके। बैठक में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी उन महिलाओं की आजीविका गतिविधियों पर भी चर्चा की गई, जो होटल, होम-स्टे एवं अन्य खाद्य व्यवसायों का संचालन कर रही हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसी महिलाओं को आरसेटी के माध्यम से बेकरी उत्पाद तैयार करने, गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बनाने, स्वच्छता, पैकेजिंग एवं खाद्य गुणवत्ता आदि का आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ-साथ उनके द्वारा उपलब्ध कराई जा रही खाद्य एवं अन्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना होना चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध होने के साथ ही महिलाओं की आजीविका एवं आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण की आवश्यकता का आकलन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
रक्षाबंधन को लेकर लगाए जाएंगे ‘लाडली बहना राखी स्टॉल’
आगामी रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे राखी एवं अन्य स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘लाडली बहना राखी स्टॉल’ 15 अगस्त से ही जनपद के प्रमुख एवं अधिक आवाजाही वाले स्थलों पर लगाए जाएं। जिलाधिकारी ने पुलिस लाइन, आर्मी कैंटीन सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर राखी स्टॉल लगाने के निर्देश दिए, ताकि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियों एवं अन्य उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सके और उनकी आय में वृद्धि हो। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से स्टॉल लगाने, आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक महिला समूहों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट, एनआरएलएम के भूपेंद्र बडोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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