पेयजल निगम में करोड़ों के हो रहे हैं वारे न्यारे सब बंद किए बैठे हैं आंखें

उत्तराखंड पेयजल निगम कर्णप्रयाग का टेंडर मामले को लेकर अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विभाग के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की मांग की है। बीते रोज कर्णप्रयाग पेयजल निगम की निर्माण शाखा के अधिशासी अभियंता मदन पुरी द्वारा प्रोक्योरमेंट नियमावली का खुलेआम उल्लंघन करने के मामले का संज्ञान लेते हुए पेयजल निगम के एमडी एसके पंत ने जांच बिठाने की बात कह दी है। मामला कर्णप्रयाग जल निगम के करोड़ों के टेंडर से जुड़ा हुआ है। कर्णप्रयाग की ज्येष्ठ प्रमुख प्रदीप चौहान व क्षेत्र पंचायत सदस्य संदीप डिमरी ने विभाग के भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते हुए सरकार से भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। दोनों जन प्रतिनिधियों का कहना था कि जनता की सहूलियत के लिए विकास योजनाएं सरकार बनाती हैं लेकिन इस प्रकार के अधिकारियों ने जनता के पैसे पर डाका डाला है। सोशियल एक्टिविस्ट शरद चंद्र डिमरी का कहना है कि पेयजल निगम में नियमों का उल्लंघन कर इस बात का संकेत है कि करोड़ों के टेंडर अपने चहेतों के जरिए सरकारी धन की बंदरबांट हुई होगी। जांच का शिकंजा कसते देखते हुए पेयजल निगम कर्णप्रयाग अब हाथ-पांव मारने के उपक्रम में जुटता हुआ नजर आ रहा है। आरटीआई के जवाब में इस बात की पुष्टि तो हो चुकी है कि करोड़ों के टेंडर प्रकाशन में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई है। लेकिन जांच में योजनाओं की धरातल पर स्थिति जानी जाय तो बड़े राज से पर्दा हटने से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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