उत्तराखंड एसटीएफ ने किया फर्जी परीक्षा केन्द्र का खुलासा

देहरादून, 14 फरवरी। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के सख्त नकल विरोधी कानून के तहत उत्तराखण्ड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा फर्जी परीक्षा केन्द्र का खुलासा किया गया, जिसके सम्बन्ध मे आज दोपहर 01:00 बजे सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में पुलिस महानिरीक्षक, साइबर/एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अभ्यर्थियों को धोखा देने की नियत से उन्हें गुमराह कर परीक्षा में पास करवाने का प्रलोभन देने वाले हाईटेक गिरोह का राज्य एसटीएफ ने भण्डाफोड करते हुये परीक्षा में नकल करा रहे 02 अभियुक्तो को गिरफ्तार किया हैं। अभियुक्तों द्वारा परीक्षा में पास कराने का प्रलोभन देकर प्रत्येक अभ्यर्थियो से 10 लाख रू. की मांग की थी। उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा आवश्यक उपकरण कब्जे में लेने के उपरान्त परीक्षा केन्द्र को सील कर दिया। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार के परीक्षाओं में नकल पर प्रभावी रोक लगाये जाने के सम्बन्ध में दिये गये स्पष्ट निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ के द्वारा उत्तराखंड पुलिस का पदभार संभालते ही इस प्रकार के संगठित गिरोह विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के अपने इरादे स्पष्ट कर दिए गए थे जिसके अंतर्गत परीक्षाओं में नकल कराने वाले सक्रीय अपराधियों के विरुद्ध कार्यावाही हेतु व्यापक कार्ययोजना बना कर कड़ी कार्यवाही करने के स्पष्ट दिशा निर्देश निर्गत किये गये है। जिसके अनुक्रम में एसटीएफ द्वारा भी लगातार इनपुट विकसित कर सतत कार्यवाही के प्रयास किये जा रहे थे। इस प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा आयोजित एसएससी (कर्मचारी चयन आयोग) मल्टी टॉस्किंग भर्ती परीक्षा-2025 की परीक्षा भारत वर्ष के साथ ही उत्तराखण्ड राज्य के विभिन्न परीक्षा केन्द्रो में आयोजित की जा रही थी, परीक्षा के दौरान असामाजिक तत्वों के सक्रिय होने तथा उनके द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का प्रलोभन देकर अपने झांसे में लिए जाने की संभावना के दृष्टिगत पुलिस तथा एसटीएफ उत्तराखंड द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही थी। जिसमें एस.टी.एफ. उत्तरप्रदेश व एस.टी.एफ. उत्तराखण्ड को उक्त परीक्षा में कुछ लोगों द्वारा गिरोह बनाकर अभ्यर्थियों को धोखा देने की नीयत से उन्हें परीक्षा में पास करने का प्रलोभन देकर मोटी धनराशि की मांग किये जाने तथा एक परीक्षा केन्द्र मे नकल कराये जाने का इनपुट प्राप्त हुये, प्राप्त इनपुट पर पुलिस महानिरीक्षक, एस.टी.एफ. डॉ. नीलेश आनन्द भरणे के निर्देशों के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ श्री नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ आरबी चमोला के निकट पर्यवेक्षण एसटीएफ की टीम द्वारा 13 फरवरी को उत्तराखण्ड एस.टी.एफ. व उत्तरप्रदेश एस.टी.एफ. की संयुक्त कार्यवाही के दौरान परीक्षा केन्द्र महादेव डिजिटल जोन, एम.के.पी इण्टर कालेज देहरादून में प्राप्त इनपुट के आधार पर दबिश दी गयी तो परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में एक कोने पर एक अण्डर ग्राउण्ट चेम्बर (गड्ढा) 24*24 इंच का बनाकर उसमें 02 लेपटॉप मय राउटर के स्वचालित अवस्था में मिले, जिनको रिमोटली चलाया जा रहा था। उक्त दोनों लैपटाप के माध्यम से परीक्षा में प्रश्न पत्रों को हल करने में मदद की जा रही थी। एस.टी.एफ. टीम द्वारा तकनीकी व फॉरेन्सिंक उपकरणों का प्रयोग करते हुए उक्त सिस्टम में कब्जे में लेकर सील किया गया तथा उक्त अवैध गतिविधि में संलिप्त 02 व्यक्ति नीतिश कुमार पुत्र चन्द्रभान गौड़ निवासी भाटपार रानी देवरिया, उ.प्र. हाल निवासी नागलोई दिल्ली व भास्कर नैथानी पुत्र दिनेश चन्द्र नैथानी निवासी नथुवावाला, देहरादून को गिरफ्तार किया गया तथा अभियुक्तगणों के विरूद्ध कोतवाली देहरादून पर मु.अ.स. 58/2026 अन्तर्गत धारा 11(1), 11(2), 12(2), 12(3) उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 व धारा 318(2), 61, 111(3)(4) बीएनएस एवं धारा 66 आईटी एक्ट के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया। जिसकी विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के पुलिस अधिकारी द्वारा की जायेगी। अभियुक्तों से पूछताछ में पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त अभियुक्तों द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए अभ्यर्थी से 10 लाख रूपये की मांग की जाती थी और अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर उनके कम्प्यूटर को रिमोटली एक्सेस लेकर उनका प्रश्नपत्र हल किया जाता था। सह अभियुक्तगणों की तलाश हेतु पुलिस टीम गठित की गयी है उनके द्वारा संभावित स्थानों पर दबिश व छापेमारी की कार्यवाही की जा रही है।



