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अंकिता मर्डर से उत्तराखंड में उबाल, SIT करेगी मामले की जांच

ऋषिकेश: उत्तराखंड पुलिस SDRF ने चिल्ला नहर से अंकिता भंडारी के शव को बरामद कर लिया है। नहर से शव को बाहर निकालने के बाद SDRF ने अंकिता के परिजनों को शिनाख्त के लिए बुलाया। अंकिता के पिता ने शव की शिनाख्त अंकिता के रुप में की है।

वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले की जांच के लिए SIT का गठिन कर दिया है। धामी ने ट्वीट कर कहा- आज प्रातः काल बेटी अंकिता का पार्थिव शव बरामद कर लिया गया। इस हृदय विदारक घटना से मन अत्यंत व्यथित है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक पी. रेणुका देवी के नेतृत्व में SIT का गठन कर इस गंभीर मामले की गहराई से जांच के भी आदेश दे दिए हैं।

आपको बता दें कि 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट लापता हो गई थी, इस मामले में पुलिस ने जहां वह काम करती थी उस रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य सहित 3 आरोपियों को गिरफ़्तार किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर देर रात प्रशासन ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्या के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चला दिया। प्राशासन की टीम ने रिसॉर्ट के अवैध निर्माण को बुलडोजर से गिरा दिया।

इससे पहले अंकिता की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री धामी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री धामी ने घटना पर दुख जताते हु कहा था पुलिस महानिदेशक को ऋषिकेश घटना को लेकर सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिस किसी ने ये जघन्य अपराध किया है उसे हर हाल में कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। पीड़िता को न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के समस्त रिज़ार्ट की जाँच करने के निर्देश ज़िलाधिकारियों को दिए हैं। साथ ही साथ जो रिज़ार्ट अवैध बने हैं या अवैधानिक रूप से संचालित हैं उनके विरुद्ध तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। धामी ने कहा कि प्रदेश भर में स्थित होटल/रिज़ार्ट/गेस्ट हाउस आदि में कार्य करने वाले कर्मचारियों से भी उनकी स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की जाए। शिकायतों को गम्भीरता से लिया जाए।

वहीं उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि अंकिता भंडारी केस में पुलिस ने तत्परता से केस वर्कआउट कर हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। मुख्यमंत्री के आदेश से आरोपियों की संपत्ति पर भी कार्यवाही की जा रही है। लोगों से अपील है कि पुलिस व प्रशासन का सहयोग करें। पटवारी को निलम्बित करने के आदेश शासन द्वारा दे दिए गए हैं।

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