Dehradun
लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की कोशिश

देहरादून। आज राजधानी देहरादून मे महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा की ज्योति अधिकारी के साथ जो हो रहा है, वह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं, यह लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की कोशिश का संकेत है। जिस देश में नागरिकों की बोलने की आज़ादी संविधान से मिलती है, वहाँ आवाज़ उठाना अपराध नहीं होता। कमला पंत ने कहा की हम साफ कह रहे हैं, यदि कोई गलती है तो खुली और निष्पक्ष प्रक्रिया सामने लाई जाए, और यदि नहीं है, तो यह कार्रवाई दमन का उदाहरण बनती दिखाई दे रही है। ज्योति ने मुद्दों पर बात की, सवाल पूछे, समाज की संवेदनाओं को उठाया-और इसका जवाब यदि गिरफ्तारी और डराने से दिया जाएगा, तो कल हर नागरिक खामोश कर दिया जाएगा। हम ज्योति के साथ हैं न्याय, पारदर्शिता और संविधान की ताकत के साथ! चाहे जो भी हो, सवाल पूछने का अधिकार कोई नहीं छीन सकता।



