Dehradun

*उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र पर आचार्य दैवज्ञ की बड़ी भविष्यवाणी।*

जन आगाज डेस्क

*गैरसैण/देहरादून।* 9 मार्च 2026 से गैरसैंण में शुरू हो रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र पर उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” ने मार्गदर्शक भविष्यवाणी जारी की है।

*डॉ दैवज्ञ ने कहा है कि यद्यपि विधानसभा का बजट सत्र 9 मार्च से प्रारंभ हो रहा है तो सत्र की शुरुआत हंगामेदार हो सकती है परंतु यदि सत्ता पक्ष ने विवेकपूर्ण संयम रखा तो 11 मार्च 2026 से ग्रहों की स्थिति, विशेषकर गुरु (बृहस्पति) के मार्गी होने से उत्तराखंड की राजनीतिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव और स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं* ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह अवधि नीतिगत फैसलों और प्रशासनिक मजबूती के लिए अनुकूल हो सकती है।

*11 मार्च 2026 और उसके बाद की ग्रहों की स्थिति का प्रभाव:*

अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए अंतरराष्ट्रीय जगत में ज्योतिष के बड़े हस्ताक्षर आचार्य दैवज्ञ कहते हैं कि गुरु (बृहस्पति) का मार्गी होना राज्य के शासन और नीति निर्धारण में सकारात्मकता लाएंगे। यह निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेज़ी लाएगा और सरकार के लिए जनता के बीच बेहतर छवि बनाने का समय होगा।
*प्रशासनिक और राजनीतिक स्थिरता हेतु सत्ता पक्ष को बहुत सावधान रहकर चलना होगा इसलिए यह उत्तराखंड में सरकार के लिए एक मजबूत और अनुशासित कार्यकाल का संकेत है। मंत्रियों और अधिकारियों में तालमेल बेहतर हो सकता है, जिससे लंबित परियोजनाएं गति पकड़ सकती हैं।*

*निर्णय क्षमता में सुधार*
सौर वैज्ञानिक डॉ दैवज्ञ के अनुसार बुध और गुरु की स्थिति से, उत्तराखंड सरकार के फैसलों में परिपक्वता आएगी और राजनीतिक उथल-पुथल की संभावनाओं के बीच यह समय सरकार के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

*सहयोगी दलों के साथ संबंध:*
इस समय उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान गठबंधन के सहयोगियों के साथ संवाद बढ़ेगा। 16 से 31 मार्च 2026 के आसपास के समय में सहयोगियों के साथ सामंजस्य बिठाना सरकार की प्राथमिकता होगी। *ग्रहों की वर्तमान गणना के अनुसार, राज्य सरकार का ध्यान विकास कार्यों और नीतियां बनाने पर रहेगा, जिससे आगामी 2027 के चुनावों के लिए एक बेहतर पृष्ठभूमि तैयार हो सके।*

*चेतावनी/संभावित चुनौतियां:*
सरकार को मार्गदर्शन देते हुए आचार्य चंडी प्रसाद दैवज्ञ कहते हैं कि विपक्ष सरकार को उकसाने का कोई मौका नहीं जाने देगा इसलिए सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री वाणी पर संयम रखें, उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री एवं शिक्षा मंत्री की सूझबूझ सदन को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

*प्राकृतिक आपदा एवं राजनीतिक अस्थिरता का खतरा*:

मार्च 2026 के दौरान ग्रहों की युति (सूर्य, मंगल, राहु) के कारण, राज्य को प्राकृतिक आपदाओं या भू-गर्भीय हलचलों के प्रति सतर्क रहना होगा, जिसका असर शासन पर भी पड़ सकता है, *राजनीतिक नेताओं को अपने भाषणों और बयानों में संयम रखना होगा, क्योंकि ग्रहों का गोचर अनजाने में अहंकारपूर्ण बातों को उजागर कर सकता है, जिससे विवाद हो सकता है, और उसकी चपेट में पूरी सत्ता आ सकती है।*

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