एसएसपी दून की सख्ती से अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करती दून पुलिस

देहरादून 08 जून। एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोभाल की सख्ती से अपराधियों के मंसूबों को दून पुलिस नाकाम करती हुई नज़र आ रहीं हैं। हत्या के प्रयास में वांछित 15-15 हजार के 02 ईनामी अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गये। चैकिंग के दौरान पुलिस द्वारा मुँह पर कपड़ा लपेटे मोटर साईकिल सवार बदमाशों को रोकने का प्रयास किया तो पुलिस द्वारा रोके जाने पर मोटर साईकिल सवार बदमाश बैरियर को टक्कर मारकर मौके से फरार हो गये। पुलिस द्वारा पीछा करने पर मोटर साईकिल सवार बदमाशों द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग की गयी। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षा में जबाबी फायर में किया गया तो दोनों बदमाशों के पेरों में गोली लग लगी। मौके से बदमाशों के कब्जे से पुलिस टीम को 01 देशी पिस्टल 32 बोर, 01 तमंचा 315 बोर, 04 जिन्दा कारतूस व घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल बरामद हुयी। घायल बदमाशों को पुलिस द्वारा तत्काल उपचार के लिये नजदीकी अस्पताल मे ले जाया गया। दोनों अभियुक्त कोतवाली ऋषिकेश में पंजीकृत जानलेवा हमले के अभियोग में वांछित चल रहे थे। पुलिस के अनुसार सड़क किनारे शराब पीने को लेकर अभियुक्तों का स्थानीय लोगों से विवाद हुआ था। विवाद के दौरान अभियुक्तो द्वारा अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर स्थानीय लोगों पर फायरिंग की थी। घटना में 02 व्यक्ति गोली लगने से घायल हो गये थे, 01 अभियुक्त को पुलिस द्वारा मौके से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा बिहार में एक व्यक्ति की हत्या कर लूट की घटना को अंजाम दिया था, बिहार पुलिस से बचने के लिये अभियुक्त बिहार से भागकर ऋषिकेश आये थे, जहाँ घटना में शामिल एक अभियुक्त का ससुराल है।
वर्तमान में चल रही चारधाम यात्रा-2026 के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण हेतु ऋषिकेश पुलिस द्वारा रात्रि नटराज चैक क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। चैकिंग के दौरान पुलिस टीम को बिना नम्बर प्लेट की एक काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति ढालवाला की ओर से आते दिखाई दिए, जिनके चेहरे कपड़े से ढके हुए थे। संदिग्धता के आधार पर पुलिस टीम द्वारा वाहन सवार व्यक्तियों को चेकिंग हेतु रूकने का इशारा किया गया, पर वाहन चालक द्वारा पुलिस टीम को देखकर वाहन को तेजी से भगाते हुये बैरियर को टक्कर मार दी तथा मौके से हरिद्वार बाईपास की ओर भाग निकले, जिस पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल कंट्रोल रूम के माध्यम से संदिग्ध बाईक सवार व्यक्तियों की तलाश हेतु आस- पास के थानों को सूचित करते हुये उक्त व्यक्तियों का पीछा किया गया। खांड गांव के पास पुलिस टीम द्वारा बाईक सवार व्यक्तियों की घेराबंदी के दौरान बाईक सवारों द्वारा बाईक को रेलवे लाइन के समीप जंगल की ओर मोड़कर भागने का प्रयास किया गया, पर उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। इस दौरान बाईक व्यक्तियों द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी गई। जो पुलिस वाहन के साइड मिरर पर लगा पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में किये गये जबाबी फायर में दोनो अभियुक्तों के पैरों में गोली लगी तथा जिन्हे घायल अवस्था में पुलिस द्वारा तत्काल उपचार हेतु नजदीकी अस्पताल ले जाया गया मौके से पुलिस टीम को अभियुक्तों के कब्जे से 01 देशी पिस्टल 32 बोर, 01 तमंचा 315 बोर, 04 जिन्दा कारतूस तथा 02 खोखा कारतूस बरामद हुये। अभियुक्तों से पूछताछ में उनकी पहचान आमिर पुत्र लड्डू निवासी बिन्देश्वर कम्पाउण्ड गली, पक्की सराय, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार उम्र: 22 वर्ष व अनवारूल हक उर्फ अनवर पुत्र सदाकत उर्फ सफाकत हुसैन निवासी भटवोली रायपुर थाना नानपुर जिला सीतामढ़ी बिहार, हाल पता नबी करीम दिल्ली, उम्र 24 वर्ष के रूप मे हुयी। घायल दोनो अभियुक्त कोतवाली ऋषिकेश में पंजीकृत मुकदमा अपराध सख्या 222/26 धारा- 109 (1)/3(5) बीएनएस में वांछित चल रहे थे, जिनके द्वारा सड़क किनारे शराब पीने से मना करने पर अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 02 व्यक्तियों पर जान से मारने की नियत से फायर किया गया था। अभियुक्तों द्वारा पुलिस टीम पर किये गये जानलेवा हमले के सम्बन्ध में उनके विरूद्ध कोतवाली ऋषिकेश पर उनके विरूद्ध मु0अ0सं0 -228/2026 धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25(1-बी)(ए)/27 आम्र्स एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पूछताछ में अभियुक्त अनवारूल उर्फ अनवर द्वारा बताया गया कि वे दोनो मूल रूप से बिहार के रहने वाला है तथा उसके द्वारा बिहार के महुवागाछी क्षेत्र में अपने साथी वसीम, उसके भाई नसीम तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर एक व्यक्ति के साथ लूट की घटना को अंजाम दिया था तथा घटना के दौरान उक्त व्यक्ति को गोली मार दी थी, जिसमें उसकी मृत्यु हो गयी थी। उक्त घटना के सम्बन्ध में उनके विरूद्ध सीतामणी के थाना नानपुर में मुकदमा अपराध सख्या -177/26 धारा 309 (6),103(5) बीएनएस व धारा 3/25 आर्म्स एक्ट का अभियोग पंजीकृत हुआ था। लूट की उक्त घटना में उन्हें लगभग 3.5 लाख रूपये मिले थे। घटना के बाद से ही बिहार पुलिस लगातार उन्हें ढूंढ रही थी, जिस कारण बिहार पुलिस से बचने तथा लूट में मिली धनराशि को आपस में बांटने के लिये वे लोग बिहार से ढालवाला ऋषिकेश आये थे, जहां घटना में शामिल उनके साथी वसीम का ससुराल है। वे लोग बिहार से 03 जून 2026 को ऋषिकेश आये थे, जहां से वे वसीम के ससुराल ढालवाला गये थे, पर ससुराल में वसीम के ससुर के न मिलने पर वे 04 जून को ऋषिकेश क्षेत्र में घूमने के लिये निकल गये, इस दौरान भुट्टोवाला क्षेत्र में सड़क किनारे शराब पीने को लेकर उनका कुछ स्थानीय लोगों से विवाद हो गया, जिस पर उनके द्वारा अपने पास पहले से रखी पिस्टल व तमंचों से उन लोगो पर फायर कर दिया और मौके से फरार हो गये। उक्त घटना में दो व्यक्तियों के हाथ तथा पैर में गोली लगने से वे घायल हो गये थे तथा उनके साथी वसीम को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया था। उक्त घटना के बाद से ही दोनो अभियुक्त पुलिस से बचने के लिये जंगलों तथा अन्य स्थानों पर छिपते फिर रहे थे तथा आज देर रात्रि दोनो अभियुक्त मौका देखकर ऋषिकेश से बाहर भागने की फिराक में थे पर चेकिंग के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर दोनो अभियुक्तों ने पकड़े जाने के डर से पुलिस टीम पर फायर कर दिया।



