“नाबार्ड लूम्स ऑफ नीति माना परियोजना” का शुभारंभ

गोपेश्वर 31 जनवरी। नाबार्ड के महाप्रबंधक शशि कुमार द्वारा “नाबार्ड लूम्स ऑफ नीति माना परियोजना” का शुभारंभ किया गया। मानव सेवा समिति द्वारा संचालित इस परियोजना में लूम ऑफ नीति माना सहकारी समिति के अध्यक्ष कुंदन सिंह टक़ोला, लूम्स ऑफ लद्दाख की संस्थापक तथा लूम्स ऑफ नीति माना की प्रमोटर्स श्रीमती अभिलाषा बहुगुणा तथा एमएसएस के प्रबंधक तथा लूम्स ऑफ नीति माना के प्रोमोटर्स महेश खँकरियाल व अन्य सभी लाभार्थियों की उपस्थिति में इस सहकारी संस्था के उद्देश्यों, आगे की रणनीति तथा नाबार्ड की अपेक्षाओं पर चर्चा की गई। इस पहल से सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय उत्पाद को स्थानीय महिलाओं द्वारा उत्कृष्ट बुनाई, वस्त्र निर्माण के तरीक़ों में बदलाव करके उच्च गुणवत्ता उत्पाद बनाकर महिलाओं को स्वाभिलंभी बनाना है जिससे विपणन के नए अवसर उपलब्ध होने की प्रबल संभावना है। अपने समापन संबोधन में महाप्रबंधक शशि कुमार ने विभागों एवं बैंकिंग संस्थानों से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए समन्वित और परिणाम उन्मुख प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नाबार्ड राज्य के समग्र ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग प्रदान करता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन श्रेयान्श जोशी, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड द्वारा किया गया। इस दौरान नाबार्ड उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून द्वारा चमोली एवं रुद्रप्रयाग जिलों के लिए ग्राउंड लेवल क्रेडिट में वृद्धि विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन गोपेश्वर चमोली में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता शशि कुमार महाप्रबंधक नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय देहारादून ने की। कार्यशाला में नाबार्ड की पुनर्वित्त योजनाओं, केंद्र एवं राज्य प्रायोजित कार्यक्रमों तथा बैंकिंग क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। डॉ. पुनीत कुमार, सहायक महाप्रबंधक ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सौर ऊर्जा, ग्रामीण उद्यमिता आदि क्षेत्रों में ऋण विस्तार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता विभाग तथा बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा भी विभागीय योजनाओं, उपलब्धियों तथा ऋण प्रवाह में वृद्धि हेतु कार्ययोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस दौरान लूम्स ऑफ नीति माना के सदस्य किशोर बड़वाल, नरेंद्र सिंह रावत, कुंवर सिंह, श्रीमती नंदी राणा आदि लोग मौजूद रहे।



